ये दुनिया कितनी खूबसूरत है, कितनी खास है।
पर फिर भी न जाने कैसी, अनजानी सी तलाश है।
ले चले ख्वाबों का कारवाँ हम, ना बुझती ना मिटती प्यास है।
मरना तो सभी को है एक दिन, पर थोड़ा और, थोड़ा सा और जीने की आस है।
ये दुनिया कितनी खूबसूरत है, कितनी खास है।
पर फिर भी न जाने कैसी, अनजानी सी तलाश है।
ले चले ख्वाबों का कारवाँ हम, ना बुझती ना मिटती प्यास है।
मरना तो सभी को है एक दिन, पर थोड़ा और, थोड़ा सा और जीने की आस है।