जिंदगी क्या है? एक पहेली
बूझो तो जाने,
बिना चिंता, बिना फिक्र
जियो तो माने।
तक़दीर में तेरी क्या लिखा है?
भगवान ने न जाने,
बंजर या खुशहाल, जीवन के
रस्ते कैसे अनजाने।
एक और है परेशान तू
क्यों जग मारे ताने,
निराशा छायी है मन में
अपने ही लगे रुलाने।
या झांके अंतर्मन में तू
खुद को पहचाने ,
मस्त हो अपनी ही धुन में
गाये जा गाने।
कुछ रिश्ते प्यारे है तुझको
कुछ अनचाहे – अनजाने,
बहुत छोटा है तू समझने को
जीवन के ताने – बाने।
पर जो भी हो जाये जीवन में
तू हार कभी ना माने,
गम में भी मुस्कुराने के
ढूंढ ही ले बहाने।